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डॉ. वीरेंद्र स्वरूप इंस्टीट्यूट में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

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प्राचार्या डॉ. पूनम मदान ने भावी शिक्षिकाओं को अनुभवात्मक अधिगम और समावेशी शिक्षा का दिया संदेश

छात्राओं को शिक्षक प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट समेत संस्थान की सुविधाओं की दी गई जानकारी

कानपुर। किदवई नगर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में बुधवार, 12 अगस्त को बीएड बैच 2026-28 की नवप्रवेशित छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्थान के सचिव गौरवेन्द्र स्वरूप की प्रेरणा से आयोजित हुआ। इस दौरान नवागत छात्राओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया और उन्हें शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. पूनम मदान ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षिकाओं ने भी मां सरस्वती की आराधना की। छात्राध्यापिकाओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए।


शिक्षण को व्यवसाय नहीं, समाज निर्माण का माध्यम बताया

प्राचार्या डॉ. पूनम मदान ने बीएड बैच 2026-28 की छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षण केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समावेशी और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि बालिकाएं घर में प्रथम शिक्षिका और विद्यालय में कुशल निर्देशिका की भूमिका निभाकर भावी पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप भावी शिक्षिकाओं को विद्यार्थियों में रटंत अधिगम के बजाय अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल ‘क्या सोचना है’ बताने के बजाय ‘कैसे सोचना है’ सिखाना जरूरी है, जिससे बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित हो सके।

प्राचार्या ने छात्राओं को संस्थान में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक संसाधनों और प्लेसमेंट सेल की जानकारी भी दी। उन्होंने छात्राओं से इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर कुशल और प्रभावी शिक्षिका बनने का आह्वान किया।


शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की दी जानकारी

कार्यक्रम में प्रो. नाजिश खान ने पीपीटी के माध्यम से संस्थान के इतिहास और उसकी विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षिकाओं ने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

प्रशिक्षिका डॉ. सरला मन्ध्यान ने छात्रवृत्ति और बुक बैंक की जानकारी दी। डॉ. आशा अवस्थी ने बीएड में आंतरिक एवं बाह्य मूल्यांकन की प्रक्रिया समझाई। प्रो. अंकिता त्रिपाठी ने प्रशिक्षण के दौरान होने वाले प्रयोगात्मक कार्यों और प्रथम व द्वितीय इंटर्नशिप के बारे में बताया।

डॉ. सीमा मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत वर्षभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और विशेष शिविरों की जानकारी दी। डॉ. शिप्रा मिश्रा ने बीएड में पढ़ाए जाने वाले अनिवार्य, वैकल्पिक एवं ग्रेडिंग विषयों की रूपरेखा समझाने के साथ प्लेसमेंट से संबंधित जानकारी भी दी।


पूर्व छात्राओं ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में पिछले सत्र की छात्राओं ने भी नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान में अपने अनुभव, शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी बातें साझा कर नई छात्राओं को प्रेरित किया। पूर्व छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं वंदना की प्रस्तुतियां भी दीं।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सीमा मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर प्रो. अंकिता त्रिपाठी, प्रो. अनिरुद्ध यादव, प्रो. ऊषा मिश्रा, प्रो. वर्षा कौशल, डॉ. ज्योति सेंगर, प्रो. जसनीत कौर, डॉ. पूर्णिमा द्विवेदी, प्रो. कनीज फातिमा, शिवानी अग्रहरि, पूनम यादव, आकांक्षा, निधि समेत संस्थान का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

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https://youtu.be/4jJy_DFdAkY

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